Ayurved
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विज्ञप्ति ग्रामीण आयुर्वेद चिकित्‍सक हेतु दिनांक 30-04-2012
आयुर्वेद चिकित्‍सा अधिकारी का पदस्‍थापन
1 दिनांक 03-05-2012
2 दिनांक 05-04-2012
3 दिनांक 02-04-2012
Seniority List of Nurse/Compounder Dated 14-12-2011

आरोग्य मेला
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आयुर्वेद चिकित्सा सेवाएं

यूनानी चिकित्सा सेवाएं

प्राकृतिक चिकित्सा सेवाएं

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राज्य में आयुष की अन्य संस्थाऐं  

C.M.
 
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Sh. Ashok Gehlot
Hon'ble Chief Minister,
Rajasthan
Sh. Aimaduddin Ahmad Khan (Duru Miyan)
Hon'ble Minister, Medical & Health, Ayurved & Medical Education, Rajasthan

आयुर्वेद
आयुर्वेद (आयुः+वेद) इन दो शब्दों के मिलने से बने आयुर्वेद शब्द का अर्थ है ''जीवन विज्ञान''। आयुर्वेद का प्रलेखन वेदों में  वर्णित है। आयुर्वेद अथवा भारतीय जीवन विज्ञान के उद्गम से संबद्ध है और उसका विकास विभिन्न वैदिक मंत्रों से हुआ है, जिनमें संसार तथा जीवन, रोगों तथा औषधियों के मूल तत्व/दर्श्‍ान का वर्णन किया गया है। आयुर्वेद के ज्ञान को चरक संहिता तथा सुश्रुत संहिता में व्यापक रूप से प्रलेखित किया गया था। आयुर्वेद के अनुसार जीवन के उद्देश्‍यों-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य पूर्वापेक्षित है। आयुर्वेद मानव के शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक और सामाजिक पहलुओं का पूर्ण समाकलन करता है, जो एक दूसरे को प्रभावित करते है।
 
भारतीय चिकित्सा पद्धति
भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी के अंतर्गत वे पद्धतियां आती है, जो भारत में उदभूत हुई, या भारत के बाहर उदभूत हुई परंतु कालांतर में भारत में अपना ली गई और अपने अनुकूल कर ली गई है। ये पद्धतियां है आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और होम्योपैथी। आयुर्वेद  आदि पद्धतियां जनसंख्या के एक बडे भाग को, विश्‍ोषकर  ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य सेवा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। देश्‍ा के अधिकांश्‍ा राज्यों में भारतीय चिकित्सा पद्वति एवं होम्योपैथी लोकप्रिय है। न केवल भारत वरन्‌ विश्‍व के अन्य भागों के लोग भी आधुनिक दवाइयों की तुलना में पार्श्‍व प्रभावों से रहित होने के कारण इन पद्धतियों के जरिए उपचार कराने में इच्छुक होते जा रहे है।